
अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार 2024: भारतीय सिनेमा में पांच दशकों के अतुलनीय योगदान के लिए सर्वोच्च सम्मान
भारतीय सिनेमा के दिग्गज और बहुमुखी अभिनेता अनंत नाग को सिनेमा में उनके पांच दशकों से अधिक के अद्वितीय और प्रेरक योगदान के लिए वर्ष 2024 के प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। भारत सरकार ने 16 सितंबर 2026 को इस ऐतिहासिक निर्णय की घोषणा की।
यह सर्वोच्च सम्मान उन्हें 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित होने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया जाएगा।
शानदार सिनेमाई सफर और उपलब्धियां
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शुरुआती सफर व पदार्पण: 4 सितंबर 1948 को कर्नाटक में जन्मे अनंत नाग ने 70 के दशक की शुरुआत में अभिनय जगत में कदम रखा। उन्होंने कन्नड़ फिल्म संकल्प से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की और श्याम बेनेगल की चर्चित फिल्म अंकुर से हिंदी सिनेमा में कदम रखा।
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विस्तृत कार्यक्षेत्र: उन्होंने अपने पांच दशक लंबे करियर में छह अलग-अलग भारतीय भाषाओं में 300 से अधिक फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई हैं।
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टेलीविजन का लोकप्रिय चेहरा: दूरदर्शन के ऐतिहासिक धारावाहिक मालगुडी डेज में निभाए गए उनके किरदार को आज भी दर्शकों द्वारा बेहद पसंद किया जाता है।
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पुरस्कार एवं सम्मान: वर्ष 2023 में अपने अभिनय करियर का स्वर्ण जयंती वर्ष मनाने वाले अनंत नाग को अब तक 5 फिल्मफेयर पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए 5 कर्नाटक राज्य पुरस्कार, कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार, कर्नाटक साहित्य अकादमी पुरस्कार और लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें बेंगलुरु विश्वविद्यालय (उत्तर) द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी दी गई है। इसके अलावा, भारत सरकार ने वर्ष 2025 में उन्हें पद्म भूषण से नवाजा था।
राजनीति और सार्वजनिक जीवन
अभिनय के अलावा, अनंत नाग सार्वजनिक सेवा में भी सक्रिय रहे हैं:
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वर्ष 1988 से 1994 तक कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य रहे।
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वर्ष 1994 से 1999 तक कर्नाटक विधानसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया।
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इस दौरान उन्होंने बेंगलुरु शहर विकास राज्य मंत्री का पदभार भी संभाला।
क्या है दादासाहेब फाल्के पुरस्कार?
भारतीय सिनेमा के जनक धुंधीराज गोविंद फाल्के (जिन्होंने 1913 में भारत की पहली फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र का निर्देशन किया था) की स्मृति में वर्ष 1969 में इस पुरस्कार की शुरुआत की गई थी। पहली बार यह सम्मान अभिनेत्री देविका रानी को प्रदान किया गया था। भारतीय सिनेमा का यह सर्वोच्च सम्मान उन हस्तियों को दिया जाता है जिन्होंने सिनेमा के संवर्धन और विकास में उत्कृष्ट योगदान दिया हो। इस पुरस्कार के तहत विजेता को एक स्वर्ण कमल पदक, शॉल और 10 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाती है।


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